गुना में ₹1,260 करोड़ का सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र प्रस्तावित है। कंपनी के अनुसार 320 से ज्यादा स्थानीय रोजगार बन सकते हैं।

जबलपुर, रतलाम, सागर, उज्जैन, गुना और धार जैसे शहरों का नाम मुंबई की बैठक में गूंजा। गुरुवार को होटल द सेंट रेजिस में हुए संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका और वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से निवेश पर बात की। पाइप, टेक्सटाइल और अधोसंरचना भी चर्चा में रहे।
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स ने गुना के लिए ₹1,260 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। वहां अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र बनाने की बात है, जो देश में पहला होगा। उत्पादन अप्रैल 2029 से शुरू करने का प्रस्ताव है। कंपनी के अनुसार करीब ₹350 करोड़ के आयात की जगह स्थानीय उत्पादन और 320 से अधिक स्थानीय रोजगार बन सकते हैं।
टेक्सटाइल की अग्रणी कंपनी भिलोसा इंडस्ट्रीज के एमडी संदीप जैन मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय बैठक में मिले। कंपनी ने धार के पीएम मित्र पार्क को केंद्र में रखकर चरणबद्ध ₹7,500 करोड़ के निवेश और करीब 3,750 प्रत्यक्ष रोजगार का प्रस्ताव दिया। 300 एकड़ जमीन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शुरुआत ₹2,500 करोड़ से होगी और 2028 से उत्पादन का लक्ष्य है, जिसमें पॉलिएस्टर यार्न, फाइबर और फैब्रिक बनेंगे।
हर्ष गोयनका जबलपुर में निवेश करके बिजली पारेषण में काम करना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक ढांचे, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और निवेश-अनुकूल नीतियों का फायदा लेकर नई इकाइयां लगाने की बात की।
मध्यप्रदेश की केंद्रीय स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को देखकर आरपीजी ने टायर इकाई की संभावना भी रखी। रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित स्थान रहे। इन जगहों की औद्योगिक सुविधाओं और जरूरतों को परखने के बाद ही आगे की संभावनाओं पर विचार होगा।
आईटी में निवेश पर सकारात्मक चर्चा हुई। आरपीजी की टीम संभावित जगहों पर जाकर सुविधाओं और कारोबारी संभावनाओं का आकलन करना चाहती है। उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के इस्तेमाल की बात भी आई, जिससे समूह तैयार ढांचे पर काम शुरू कर सकता है।
जमीन, जरूरी अनुमतियां, प्रोत्साहन और एकल-खिड़की सहयोग पर भी चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले प्रस्तावों और स्थानों की पहचान कर आगे की प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर रहा।
आरपीजी समूह देश का बड़ा औद्योगिक समूह है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी, टायर, आईटी, फार्मा, ऊर्जा समाधान और उभरती तकनीकों में काम करता है। केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज इसके प्रमुख कारोबार हैं। समूह छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में मौजूद है।
साल 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के जरिए समूह प्रदेश में है। केईसी इंटरनेशनल ने नीमच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली समेत मध्यप्रदेश के बिजली पारेषण ढांचे के विकास में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने संदीप गर्ग से पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचना में वेलस्पन की निवेश योजनाओं और नई परियोजनाओं में हिस्सेदारी पर चर्चा की।
वेलस्पन ने मिल की जमीन पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने में रुचि दिखाई और पार्क में एंकर यूनिट लगाने की इच्छा जताई। जगह देखने के लिए समूह अपनी टीम भेजेगा।
सिंटेक्स के ₹700 करोड़ के जारी निवेश पर बैठक में बात हुई। समूह की रायसेन और देवास में मौजूदगी के संदर्भ में पाइप और टेक्सटाइल की गतिविधियों पर संवाद रहा। वेलस्पन कॉर्प के एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में ₹150 करोड़ के निवेश पर भी चर्चा हुई।
वेलस्पन समूह प्रदेश में सड़क-राजमार्ग समेत दूसरी अधोसंरचना परियोजनाओं से जुड़ेगा। निवेश और सहभागिता पर चर्चा के साथ जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं में हिस्सेदारी की संभावना पर भी विचार हुआ।
यह समूह अधोसंरचना, पाइप निर्माण और टेक्सटाइल में काम करता है। उसके काम में सड़क-राजमार्ग और जल व अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं का विकास और संचालन शामिल है। एमएस और पीवीसी पाइप, फिटिंग्स, वाटर टैंक और होम टेक्सटाइल्स भी वह बनाता है। रायसेन और देवास में उसकी मौजूदगी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और संदीप गर्ग के बीच प्रदेश में पाइप निर्माण क्षेत्र में समूह की गतिविधियों और निवेश योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

देवास में सेवा समाप्ति और निलंबन के विरोध में बड़ी संख्या में पटवारियों ने प्रदर्शन किया।
देवास कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही पर तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं।

सागर वालों के लिए आज का दिन बहुत ही खास रहा। कूनो से 2 चीते अब अपने नौरादेही के जंगलों में आ चुके हैं, जिससे इलाके में रौनक बढ़ जाएगी।
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