देवास में सेवा समाप्ति और निलंबन के विरोध में बड़ी संख्या में पटवारियों ने प्रदर्शन किया।


देवास में तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने के बाद विरोध तेज हो गया है। बुधवार को देवास में बड़ी संख्या में पटवारी जुटे और सेवा समाप्ति, निलंबन समेत अन्य दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद पटवारियों ने जमकर नारेबाजी की। कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने परिसर में धरना दिया और भजन-कीर्तन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। प्रदर्शन देर रात करीब 10:30 बजे समाप्त हुआ।
पटवारियों ने पहले स्वस्तिक गार्डन से रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन में देवास के अलावा इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, धार, गुना, खरगोन समेत कई जिलों के पटवारी और तहसील अध्यक्ष शामिल हुए।
पटवारी संघ ने प्रदर्शन के जरिए देवास में तीन पटवारियों की सेवा समाप्ति और प्रदेश के अन्य जिलों में हुई निलंबन व दूसरी दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
देवास कलेक्टर कार्यालय परिसर में करीब दो घंटे तक पटवारियों ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने के बाद उन्होंने धरना शुरू कर दिया।
इसके बाद परिसर में भजन-कीर्तन किया गया और हनुमान चालीसा का पाठ भी हुआ। प्रदर्शन देर रात करीब 10:30 बजे तक चला।
विरोध की मुख्य वजह देवास के तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों—नितिन विश्वकर्मा, अजय नागर और विशाल टईया की सेवा समाप्ति है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शासकीय कार्यों में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और स्वामित्व योजना के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के आधार पर कार्रवाई की थी।
प्रशासन के मुताबिक, तीनों की नियुक्ति फरवरी 2024 में तीन साल की परिवीक्षा अवधि पर हुई थी। जांच में स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन में शून्य प्रगति के अलावा अन्य कार्यों में भी कमियां सामने आई थीं।
पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 समेत कई राजस्व कार्यों को लेकर कानूनी और व्यवहारिक समस्याओं की जानकारी शासन को पहले ही दी जा चुकी है।
इसके बावजूद देवास में सेवा समाप्ति और प्रदेश के दूसरे जिलों में निलंबन व अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक ये कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
पटवारी संघ के मुताबिक देवास जिले के 350 से ज्यादा पटवारी 9 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन समेत कई राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है।
पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से भी दूरी बनाने का फैसला किया है। वहीं, राज्य स्तर पर आगे की रणनीति तय करने के लिए भोपाल में बैठक भी प्रस्तावित है।
पटवारियों के सामूहिक अवकाश और ऑनलाइन राजस्व कार्यों से दूरी के कारण आम लोगों से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं। खासकर नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार और पटवारी संघ के बीच बातचीत से विवाद का समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और बड़ा रूप लेता है।
देवास कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही पर तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
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