करीब 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी कहानी को पर्दे पर उतारना आसान नहीं है। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण पार्ट वन' इसी बड़ी चुनौती के साथ दर्शकों के सामने आती है।
मनोरंजन डेस्क। करीब 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी कहानी को पर्दे पर उतारना आसान नहीं है। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण पार्ट वन' इसी बड़ी चुनौती के साथ दर्शकों के सामने आती है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में गंभीर और गरिमामय नजर आते हैं, जबकि यश का रावण अवतार अपने रौब और दमदार मौजूदगी से खास छाप छोड़ता है। अयोध्या की भव्यता, लंका का वैभव और पौराणिक संसार को बड़े सिनेमाई पैमाने पर दिखाने की कोशिश फिल्म को खास बनाती है। हालांकि, कहानी की धीमी रफ्तार, कुछ कमजोर संवाद और यादगार संगीत की कमी इसके अनुभव को थोड़ा प्रभावित करती है।
फिल्म की शुरुआत भगवान राम से नहीं, बल्कि लंका के राजा रावण से होती है। रावण कठोर तपस्या से भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करता है और वरदान प्राप्त करता है। इसके बाद उसकी महत्वाकांक्षा बढ़ती जाती है। वह इंद्र को पराजित करता है और अपने सौतेले भाई कुबेर से लंका का अधिकार हासिल कर लेता है। कहानी रावण के दस सिरों, उसके ज्ञान, तपस्या, शक्ति और अहंकार के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। इसके बाद कहानी अयोध्या पहुंचती है, जहां राजा दशरथ के घर भगवान विष्णु के अवतार राम का जन्म होता है। फिल्म में राम का बचपन, ऋषि विश्वामित्र के साथ यात्रा, मिथिला में सीता स्वयंवर के दौरान शिव धनुष तोड़ना और सीता से विवाह जैसे प्रसंग दिखाए गए हैं। इसके बाद राजमहल की राजनीति कहानी की दिशा बदल देती है। कैकेयी अपने दो वरदान मांगती हैं और राम को 14 वर्षों का वनवास मिलता है। राम के साथ सीता और लक्ष्मण भी वन की ओर निकल पड़ते हैं।
वनवास के दौरान शूर्पणखा का प्रसंग आता है। इसके बाद मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर राम और लक्ष्मण को आश्रम से दूर ले जाता है। इसी मौके का फायदा उठाकर साधु के वेश में पहुंचा रावण सीता का हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए जटायु रावण से युद्ध करता है। घायल जटायु राम को सीता के अपहरण की जानकारी देता है और अंतिम सांस लेता है। इसी भावनात्मक मोड़ पर फिल्म का पहला भाग समाप्त होता है। फिल्म के पोस्ट क्रेडिट सीन में हनुमान जी के रूप में सनी देओल की झलक दिखाई जाती है। उनका चेहरा नहीं दिखाया गया है, लेकिन उड़ते हुए हनुमान और 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ दूसरे भाग को लेकर उत्सुकता बढ़ती है।
भगवान राम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। रणबीर कपूर इस भूमिका में संयम और गंभीरता लेकर आते हैं। उनके अभिनय में शालीनता और मर्यादा दिखाई देती है। वह किरदार को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय सहज और गरिमामय रखने की कोशिश करते हैं। सीता के किरदार में साई पल्लवी अपनी स्वाभाविक अदाकारी से प्रभाव छोड़ती हैं। रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में भाई के प्रति समर्पण और रक्षक का भाव दिखाते हैं। वहीं, यश का रावण अवतार फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। उनका रौबदार व्यक्तित्व, दमदार आवाज और पर्दे पर मौजूदगी किरदार को प्रभावशाली बनाती है। रावण के राजसी ठाठ, शक्ति और क्रोध को वह अपने अंदाज से सामने लाते हैं। अरुण गोविल राजा दशरथ, लारा दत्ता कैकेयी, शिबा चड्ढा मंथरा और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा की भूमिका में नजर आते हैं। वहीं, सनी देओल की हनुमान के रूप में झलक अगले भाग के लिए उत्सुकता बढ़ाती है।
'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले नितेश तिवारी के लिए 'रामायण' एक अलग तरह की चुनौती है। इस कहानी के साथ करोड़ों लोगों की आस्था और दर्शकों की बड़ी अपेक्षाएं जुड़ी हैं। फिल्म की शुरुआत रावण के उदय से करना निर्देशक का दिलचस्प फैसला है। इससे राम और रावण के संसार को अलग-अलग स्थापित करने का मौका मिलता है। अयोध्या से लेकर लंका तक पौराणिक दुनिया को पर्दे पर रचने की कोशिश निर्देशक के बड़े विजन को दिखाती है। हालांकि, कुछ दृश्यों में भावनाओं को और ठहराव दिया जा सकता था। कई संवाद किरदारों की विशालता के अनुरूप प्रभाव नहीं छोड़ पाते। रामायण जैसी महागाथा में संवादों का यादगार होना भी जरूरी है। इस मामले में फिल्म कुछ और मजबूत हो सकती थी।
फिल्म का स्क्रीनप्ले श्रीधर राघवन और नितेश तिवारी ने लिखा है। कहानी रावण की पृष्ठभूमि से शुरू होकर राम के जन्म, विवाह, वनवास और सीता हरण तक पहुंचती है। रामायण की घटनाएं दर्शकों को पहले से मालूम हैं, ऐसे में उन्हें किस क्रम और अंदाज में पेश किया जाता है, यही स्क्रीनप्ले की असली चुनौती है। फिल्म दोनों संसारों को जोड़ते हुए आगे होने वाले संघर्ष की जमीन तैयार करती है करीब 3 घंटे 15 मिनट की लंबाई के बावजूद कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार धीमी पड़ती है। कुछ घटनाओं को ज्यादा कसावट के साथ दिखाया जा सकता था। फिल्म का अंत भी किसी पारंपरिक विजयी क्लाइमैक्स के बजाय आगे आने वाले बड़े संघर्ष का संकेत देता है।
फिल्म का विजुअल स्केल इसके मजबूत पक्षों में शामिल है। अयोध्या का राजसी वैभव, लंका का विशाल साम्राज्य, महल, प्राकृतिक दृश्य और पौराणिक संसार को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। VFX, प्रोडक्शन डिजाइन, कॉस्ट्यूम, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी मिलकर फिल्म की दुनिया को भव्य बनाते हैं। कई दृश्य बड़े पर्दे पर खास प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि, कुछ राक्षसों और मायावी प्राणियों के दृश्यों में VFX थोड़ा कमजोर नजर आता है। उनके लुक और मूवमेंट में कहीं-कहीं कृत्रिमता महसूस होती है। इसके बावजूद फिल्म का कुल विजुअल ट्रीटमेंट प्रभावशाली है।
फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी ए.आर. रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों के पास है। ऐसे में उम्मीद थी कि फिल्म को कुछ ऐसी धुनें मिलेंगी, जो राम और रावण के किरदारों की पहचान बन जाएंगी। हालांकि, फिल्म में कुछ जगह बैकग्राउंड स्कोर प्रभाव छोड़ता है, लेकिन ऐसा यादगार थीम म्यूजिक सुनाई नहीं देता, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी दर्शकों के जेहन में बना रहे। राम की एंट्री और रावण के रौद्र रूप के लिए जिस तरह के संगीत की उम्मीद थी, फिल्म उस स्तर का प्रभाव पैदा नहीं कर पाती। इस मोर्चे पर थोड़ी निराशा होती है।
'रामायण पार्ट वन' भारतीय सिनेमा की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी कोशिश है। रणबीर कपूर की गंभीरता, यश का रौद्र अवतार, शानदार VFX और विशाल प्रोडक्शन डिजाइन इसकी प्रमुख ताकत हैं। वहीं, कहानी की धीमी रफ्तार, कुछ कमजोर संवाद, यादगार थीम म्यूजिक की कमी और कुछ दृश्यों में VFX की खामियां फिल्म को पूरी तरह प्रभावशाली बनने से रोकती हैं। फिर भी बड़े पर्दे पर देखने के लिए फिल्म में काफी कुछ है। खासकर यश का रावण अवतार और पौराणिक संसार की भव्यता। पहला भाग सीता हरण के साथ खत्म होता है और दर्शकों के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ जाता है... राम और रावण के बीच होने वाला महायुद्ध दूसरे भाग में किस तरह पर्दे पर उतरेगा?
-2.jpg&w=3840&q=75)
अभिनेता नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी है।

1999 के कारगिल युद्ध में जवानों के साथ रहे नाना की कहानी, जिनका 75 की उम्र में निधन हुआ।
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने फेसबुक फीड पर पाएं।
Follow Page