शहडोल जिले के खेल प्रेमियों के लिए आज बहुत ही बड़ा और खुशी का दिन है। 16 सितंबर को अपने शहर में 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शानदार आगाज हो गया है।
शहडोल जिले के लिए 16 सितंबर का दिन बहुत ही शानदार रहा। आज अपने शहर में 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता की बड़ी धूमधाम से शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद वर्चुअली (वीसी के जरिए) इस कार्यक्रम से जुड़े और अपने बच्चों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर सीएम साहब ने बहुत ही गर्व के साथ कहा कि अपने प्रदेश के आदिवासी इलाके आज यह साबित कर रहे हैं कि टैलेंट सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं होता। आज अपना शहडोल, जिसे सब 'मिनी ब्राजील' कहते हैं, वहां बास्केटबॉल का यह भव्य कुंभ सजा हुआ देखकर दिल खुश हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने शहडोल की जमकर तारीफ करते हुए इसे खेल की दुनिया का एक चमकता हुआ सितारा बताया। उन्होंने अपने विचारपुर गांव का नाम लेते हुए कहा कि आज यह गांव फुटबॉल की एक बड़ी नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा चुका है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के अलावा बास्केटबॉल भी अपने जिले के युवाओं के बीच बहुत फेमस हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने आदिवासी अंचलों के बच्चों की मेहनत की दाद देते हुए कहा कि विचारपुर जैसे गांवों से निकलकर खिलाड़ियों का नेशनल लेवल तक पहुंचना यह बताता है कि अपने गांवों में भी टैलेंट की कोई कमी नहीं है। अपने शहडोल ने 'खेलो एमपी' और 'यूथ गेम्स' जैसी बड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में बहुत ही तगड़ा प्रदर्शन किया है। अपने इसी जिले ने प्रदेश को ऐसे-ऐसे कमाल के खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने नेशनल लेवल पर अपना डंका बजाकर आने वाले नए खिलाड़ियों को एक बड़ी प्रेरणा दी है।
अपने शहडोल का बास्केटबॉल के साथ एक बहुत ही पुराना और प्यारा रिश्ता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरानी बातें याद करते हुए कहा कि एक समय था जब अपने खिलाड़ियों के पास सुविधाएं कम थीं, लेकिन उनका जोश हमेशा हाई रहता था। उसी जोश और मेहनत का नतीजा है कि आज अपने शहडोल में तीन-तीन बास्केटबॉल कोर्ट बने हुए हैं। पिछले 15 सालों में अपनी शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने स्टेट लेवल पर बहुत ही तगड़ा खेल दिखाया है और नेशनल स्कूली प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीतकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़े ही अच्छे से समझाया कि ये स्कूली खेल प्रतियोगिताएं सिर्फ टाइमपास नहीं हैं, बल्कि इनसे बच्चों में बचपन से ही एक बढ़िया कॉम्पिटिशन, अनुशासन और मिलकर काम करने की आदत बनती है। खेल से सिर्फ शरीर ही नहीं बनता, बल्कि बच्चों का कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। जब कोई बच्चा कोर्ट में पसीना बहाता है, तो वह अपने माता-पिता के साथ पूरे देश और अपने जिले का नाम रौशन करता है। इस प्रतियोगिता में 10 संभागों से आए 17 साल तक के करीब 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें सीएम साहब ने अपनी तरफ से 'ऑल द बेस्ट' कहा।
प्रतियोगिता की अहमियत बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि साल 2023-24 में अपने बच्चों के तगड़े प्रदर्शन की वजह से ही साल 2024-25 में शहडोल को नेशनल लेवल की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी का यह शानदार मौका मिला था। यह अपने पूरे जिले के लिए सीना चौड़ा करने वाली बात है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से साफ कहा कि मैदान में उतर जाना ही सबसे बड़ी जीत है। इसलिए हार-जीत की टेंशन छोड़कर बस मजे से खेलें और कुछ नया सीखें।
अपने युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले साल 2027 को पूरे मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में बड़े ही शानदार तरीके से मनाया जाएगा। इस साल सरकार का पूरा ध्यान अपने युवाओं की पढ़ाई, रोजगार, नए स्टार्टअप, खेल और लीडरशिप पर रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से कहा कि बस मिल-जुलकर खेलें और एक-दूसरे को पूरा सपोर्ट करें।
इस शानदार आयोजन में अपने स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए जुड़कर खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा, इस खास मौके पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल और अन्य कई बड़े अधिकारी भी अपने बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद रहे।
-1.jpg&w=3840&q=75)
मध्य प्रदेश के जल निगम का नाम अब बदल दिया गया है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जल निगम का नाम 'म.प्र. जल एवं स्वच्छता निगम' करने पर मुहर लग गई है।

भोपाल शहर में काजी कैंप पर मिसाइल गिराने वाले बयान को लेकर भारी बवाल मच गया है। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी और अपने विधायक रामेश्वर शर्मा एक-दूसरे पर जमकर बरस रहे हैं।
मध्य प्रदेश में इंजीनियर डे की भारी धूम है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी इंजीनियरों को शुभकामनाएं देते हुए प्राचीन मंदिरों और राजा भोज के इतिहास को याद किया है।
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने फेसबुक फीड पर पाएं।
Follow Page