Ujjain News: उज्जैन के बेगमबाग क्षेत्र में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत 16 मकानों को हटाया गया। कार्रवाई से पहले संबंधित जमीन की लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी और न्यायालय से स्टे भी हट चुका था।
Ujjain News: उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की टीम ने 16 मकानों को ध्वस्त कर दिया। ये मकान हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर तक बनाई जा रही टनल के रास्ते में बाधा बन रहे थे। बताया गया कि इन मकानों की लीज करीब 15 साल पहले ही खत्म हो चुकी थी। लंबे समय से मामला न्यायालय में लंबित था, लेकिन हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुल 16 मकानों को ध्वस्त किया गया। इन मकानों की लीज करीब 15 वर्ष पहले समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद जमीन का उपयोग जारी था। मामले को लेकर प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूखंड आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे, लेकिन उनमें से कुछ का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसी आधार पर लीज शर्तों के उल्लंघन को भी कार्रवाई की एक वजह बताया गया है।
बता दें, बेगमबाग में हुई यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर क्षेत्र के लिए प्रस्तावित टनल मार्ग से है। प्रशासन के अनुसार, सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम करने के लिए कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रास्ते में आने वाले निर्माणों को हटाया जा रहा है।
वहीं कार्रवाई को पूरा करने के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासनिक कार्रवाई में 50 से अधिक कर्मचारी, 7 पोकलेन और 4 जेसीबी सहित अन्य मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। भारी मशीनों की मदद से चिह्नित निर्माणों को हटाया गया और क्षेत्र को आगामी विकास कार्यों के लिए खाली कराया गया।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के CO संदीप सोनी ने बताया कि बेगमबाग क्षेत्र में यह कार्रवाई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी इसी इलाके में 72 मकान हटाए जा चुके हैं। सिंहस्थ से पहले शहर में यातायात और आवागमन को व्यवस्थित करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। शनिवार की कार्रवाई वाले मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया भी चल रही थी। इन निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर पहले न्यायालय से स्टे मिला हुआ था। हाल ही में स्टे हटने के बाद प्रशासन के लिए कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
सूत्रों के अनुसार, मामला उज्जैन विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन से जुड़ा है। वर्ष 2014-15 में इन भूखंडों की लीज अवधि समाप्त हो गई थी। इसके बाद लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया। UDA ने बेगमबाग क्षेत्र में 45 भूखंड दिए थे। प्रत्येक भूखंड करीब 2400 वर्गफीट का था और इन्हें 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। इन 45 भूखंडों को बाद में छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया। इसके बाद यहां करीब 90 निर्माण खड़े हो गए। अधिकारियों ने लीज शर्तों के उल्लंघन और भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर भी आपत्ति जताई है। अब प्रशासन का फोकस क्षेत्र को प्रस्तावित विकास योजनाओं के अनुरूप तैयार करने पर है।

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